STORYMIRROR

नहीं कोई जुस्तजू हिन्दीकविता है मुहब्बत hindikavita प्रेम sswc गर्व 5 मई की उस सुबह उस उजाड़ में । कौन है किसलिए है क्यू है निभाता होने पर न कोई है गुफ्तगू तू जो दूर है कुछ यूँ बात की मेरे रहनुमा ने। अधूरे प्रेम परमेश्वर की रचना बोलती है। प्रेम जो पवित्र है जो है लड़की

Hindi होने वाला है जो भेद खोलती है। Poems